Poetry

Bakhani hindi poem

Feb 16, 2026 |
N/A
फिर भी बातें नहीं मानते हैं। सुननेे में अच्छी लगती हैं, अनुसरण करनें को लगती हैं, पर देख जमाना करते हैं, दिल की करनें में डरते हैं। डरते हैं “वो क्या कहेंगे”, अपने दिल की कब करेंगे मान के ... Read more

beti ek bojh

Feb 16, 2026 |
N/A
माँ बाप की लाडली बेटी, समझदार जब थोडी होती, दुनियादारी का बोझ सर ले, दुनिया को कंधों पे ढोती, आज का ये समाज सातिर, खुल के नहीं जीने देता, ढाई आखर प्रेम शबद की, डाल देता है बेडियाँ, मजबूर जो भूत ... Read more

my hope

Feb 19, 2026 |
N/A
राह से गुजरते हर राहगीर से हमनें आश लगाई है। जमाने के शिले नें हमें यूँ हि भटकता छोड दिया, दो वक्त की रोटी को यूँ हि तरसता छोड दिया, कभी खाए कभी न खाए भूखे पेट यूँ हि, पर रोज हमनें भूखों की ... Read more